
← DHADKANE MERI SUN4 jun · 19 min
Ek Ajnabi Haseena Se
Ek Ajnabi Haseena Se
वो गुजरा हुआ वक़्त, और वो....
वो जब तन्हाइयों में मेरी, मेरा हमसफ़र हो गई
कुछ दूर ही सही-मेरे साथ हो गयी
तब, वीरानियां जिंदगी की
महफ़िलों में तब्दील हो गयीं
कुछ पल के लिये ही सही
मैं उसमें और वो मुझमें खो गई
ज़िस्म-ओ-जाॅ की सब जंजीरें
टूटने को बेताब हो गयीं
जब...एक अजनबी हसीना से
यूँ ही मुलाक़ात हो गई....