
← Pratidin Ek Kavita3 dagen geleden · 3 min
Kuch To Is Dil Ko Sazaa Di Jaye | Mohammad Alvi
Kuch To Is Dil Ko Sazaa Di Jaye | Mohammad Alvi
कुछ तो इस दिल को सज़ा दी जाए । मोहम्मद अल्वी
कुछ तो इस दिल को सज़ा दी जाए
उस की तस्वीर हटा दी जाए
ढूँडने में भी मज़ा आता है
कोई शय रख के भुला दी जाए
नाम लिख लिख के तिरा काग़ज़ पर
रौशनाई भी गिरा दी जाए
नाव काग़ज़ की बना कर उस को
बहते पानी में बहा दी जाए
रात को चुपके से इक इक घर की
क्यूँ न ज़ंजीर लगा दी जाए
नींद में चौंक पड़ेगा कोई