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सन्साधन-आधारित दर्शन - बिज़नेस में जीत का व्रिओ नामक मन्त्र

सन्साधन-आधारित दर्शन - बिज़नेस में जीत का व्रिओ नामक मन्त्र28 mrt26 min

<p>सन्गठन का सन्साधन-आधारित दर्शन (resource-based view) एक रणनीतिक ढाँचा है जो बाहरी मार्केट की स्थितियों से केन्द्रीयकरण हटाकर कंपनी के अंदरूनी मूर्त (tangible) और अमूर्त (intangible) एसेट्स पर केन्द्रित करता है. इस नज़रिये की अभिव्यक्ति व्रिओ (VRIO) विश्लेषणात्मक ढांचा है, जो यह मूल्यांकित करता है कि सन्साधन मूल्यवान, दुर्लभ, अननुकरणीय हैं या नहीं, और आयोजन द्वारा समर्थित हैं या नहीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्थायी प्रतिस्पर्धात्मक अनुकूलता (competitive advantage) बनाने की उनकी क्षमता क्या है.</p>