
← DHADKANE MERI SUN5 okt · 17 min
एक तरफ़ा प्यार
एक तरफ़ा प्यार
मेरी सांसों में रहती है
मगर आँखों से बहती है
मैं तुझ बिन जी नहीं सकता
धड़कने मेरी कहती हैं
जो मिल जायेंगे मैं और तुम
ज़मी जन्नत बनाऊंगा
अमीरी हो या फकीरी हो
सभी नखरे उठाऊंगा
ज़माने भर की हर रौनक
तेरे कदमो में लगाऊंगा
कहेंगे लोग पागल जो
गुज़र हद से भी जाऊँगा