Pratidin Ek Kavita

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Akoo (Main) | Khairul Anwar

Akoo (Main) | Khairul Anwar5 Sept2 min

अकू | ख़ैरुल अनवर

अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी

अगर मेरा अंतिम समय आ जाए तो

मैं नहीं चाहूँगा कि कोई मुझे दिलासा दे

तुम भी नहीं

मुझे उन आँसुओं की ज़रूरत नहीं

मैं भेड़िया हूँ

अपने झुंड से अलग

चीरने दो गोलियों को मेरी चर्बी

मैं फिर भी डटा रहूँगा

घाव और विष दोनों ही

संग-साथ लेकर