
← Pratidin Ek Kavita1 oct · 2 min
Mera Uska Parichay Itna | Ansar Kambari
Mera Uska Parichay Itna | Ansar Kambari
मेरा उसका परिचय इतना । अंसार कम्बरी
मेरा उसका परिचय इतना
वो नदिया है, मैं मरुथल हूँ।
उसकी सीमा सागर तक है
मेरा कोई छोर नहीं है।
मेरी प्यास चुरा ले जाए
ऐसा कोई चोर नहीं है।
मेरा उसका इतना नाता
वो ख़ुशबू है, मैं संदल हूँ।
उस पर तैरें दीप शिखाएँ
सूनी सूनी मेरी राहें।
उसके तट पर भीड़ लगी है