
← Shyambhai Y Thakar’s Podcast9 ago · 4 h 02 min
Leicester | DAY-1 l ShriRamKatha -190 | 08/08/2026 || @ShyambhaiYThakar
परम पावन भोग-मोक्षदायी श्रीमद्भागवत महापुराणके मूल पारायणमें आपका स्वागत है. श्रीमद्भगवत वेदरूप कल्पवृक्षका पका हुआ फल ही है. हम सनातनी इस संहिताका पठन-पाठन और सकाम और निष्काम पारायण करते-कराते रहते हैं. कुछ मूल पारायण यूट्यूबपर हैं, श्रीहरिगुरुकृपा और विशेषतः गुरुदेवकी आज्ञासे हम सब जनोंने भी मिलकर प्रयास किया है. वर्षोंके परिश्रमसे तैयार हुए इस दिव्य उपक्रमके हम सबको प्राप्त होनेमें भगवान श्रीहरि और सनातन धर्मकी ध्वजा लेकर पिछले ६ दशकोंसे विश्वमें विचरण कर रहे सद्गुरुदेव पूज्य भाईश्रीकी करुणा ही प्रमुख कारण है. जिसका मैं हमेशा कृतज्ञ हूँ ऐसे भारतके गौरवशाली गीताप्रेसकी पुस्तकोंके सहारे मैनें (श्यामभाई ठाकरने) स्वर सेवा की है. प्रायः पूरा पूरा ऑडियो रेकॉर्डिंग सान्दीपनिके स्टूडियोमें हुआ है. वहांपर केतनभाई मेहताका बिना घडीमें देखे समय देकर पूरा सहयोग रहा है. चेतनभाई शर्माने भी हमारी हमेशा मदद की है. इस अनुष्ठान में जितना मेरा भाव कि यह यथाशीघ्र सबको उपलब्ध हो, उतना ही मेरे मित्रवर्य हितेशभाई लाखाणी का भाव रहा है. आपने तकनिकी और भावसे भी समय निकालकर सर्वदा पूरा सहयोग किया है. मैं जिनको अधिकारसे समय-असमय भी कुछ करने के लिए कहूँ तो उत्साहसे कर देनेवाले हर्षितभाई शुक्लसे ही यह पाठ इस यथासंभव शुद्ध रूपमें प्रस्तुत है. पाठकी अशुद्धियाँ निकालना, मेरे साथ भाग-दौड़ करना, अंतमें जब विडिओ रूप दिया जा रहा था तो मूल श्लोकोंको तुषारभाईको उपलब्ध करानेकी भी महनीय सेवा आपके द्वारा ही हुई है. आपके साथ पाठकी शुद्धिका कार्य करनेमें सहयोग हेतु हार्दिकभाई पुरोहित, मयूरभाई जोशी, देवांगभाई भट्ट, ऋषिलभाई पाठक, दीक्षित जानी और अजयभाई जोशी आदिकी मूल्यवती सहायता मिली है. अशुद्धियाँ दूर करने हेतु निःस्वार्थ भाव और प्रेमसे उपयोग हेतु अपना सूरधारा स्टूडियो, भावनगर देनेवाले और एडिटिंगके साथ पूरे पाठके बैकग्राउंड म्यूजिकका भी संपादन कर देनेवाले हमारे माननीय इन्द्रजीतभाई राज्यगुरु और उनके पुत्र अंबरीषभाईके सर्वप्रकार सहयोगके लिए कृतज्ञ हूँ . इसी प्रकार राजुभाई भट्टने अपना स्टूडियो सामवेद म्यूज़िक्स उपयोग हेतु दिया और थोड़ी एडिटिंग वहां भी हुई है. वहाँ चिन्तनभाई लाठीगरा ने सहयोग किया. और बड़े महत्व का काम एडिटिंग और डिज़ाइनिंग होता है. उसके द्वारा पूरे पारायणको इस सुन्दर रूपमें परोसनेका काम बड़ी लगनसे तत्त्व वीडियो विज़नके तुषारभाई त्रिवेदीने किया है. अंतमें, भगवानकी वस्तु भगवानको ही समर्पित करते हैं! Jai Śrī Kṛṣṇa! A heartfelt welcome to this sacred recitation of the Śrīmad Bhāgavata Mahāpurāṇa. The Śrīmad Bhāgavata is likened to the fully ripened fruit of the sacred Vedic tree. For generations, followers of Sanātana Dharma have continued the tradition of reading, reciting, and arranging recitals of this revered scripture — both for material fulfilment and spiritual liberation. Although several