
← Pratidin Ek Kavita10 okt · 2 min
Chandini | Ramvilas Sharma
Chandini | Ramvilas Sharma
चाँदनी । रामविलास शर्मा
चाँदी की झीनी चादर-सी
फैली है वन पर चाँदनी।
चाँदी का झूठा पानी है
यह माह-पूस की चाँदनी।
खेतों पर ओस-भरा कुहरा,
कुहरे पर भीगी चाँदनी;
आँखों में बादल-से आँसू,
हँसती है उन पर चाँदनी।
दु:ख की दनिया पर बुनती है
माया के सपने चाँदनी।
मीठी मुस्कान बिछाती है