Pratidin Ek Kavita

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Aaj Shaam Hai Bahut Udaas | Bhagwati Charan Verma

Aaj Shaam Hai Bahut Udaas | Bhagwati Charan Verma5 okt3 min

आज शाम है बहुत उदास । भगवतीचरण वर्मा

आज शाम है बहुत उदास

केवल मैं हूँ अपने पास ।

दूर कहीं पर हास-विलास

दूर कहीं उत्सव-उल्लास

दूर छिटक कर कहीं खो गया

मेरा चिर-संचित विश्वास ।

कुछ भूला सा और भ्रमा सा

केवल मैं हूँ अपने पास

एक धुन्ध में कुछ सहमी सी

आज शाम है बहुत उदास ।

एकाकीपन का एकान्त