
← Pratidin Ek Kavita12 okt · 2 min
Khut Jayein | Nilesh Raghuvanshi
Khut Jayein | Nilesh Raghuvanshi
खुट जाएँ । नीलेश रघुवंशी
नए साल के आगमन पर पूछा गया सिंघाड़े बेचने वाली से
नए साल के बारे में क्या सोचा है तुमने
सिंघाड़े बेचती स्त्री ने कहा
नए साल में हम खुट जाएँ
खुट जाएँ मतलब..
खुट जाएँ मतलब खुट जाएँ याने हम मर जाएँ
ही ही हा हा ही हा
अरे अरे ए ऐसा नहीं कहते
हँसी ठसक से सिंघाड़े वाली मुश्किल से जबरिया हँसी को रोकती बोली
क्यों खुटने से डरते हो ???
हम तो रोज़ खुटते हैं…