
← Pratidin Ek Kavita5 dagen geleden · 1 min
Sirf Pyar Karti Hain Titliyan | Jaiprakash Manas
Sirf Pyar Karti Hain Titliyan | Jaiprakash Manas
सिर्फ़ प्यार करती हैं तितलियाँ । जयप्रकाश मानस
सिर्फ़ प्यार करती हैं तितलियाँ
हाँ तितलियाँ
फूलों से लता-वल्लरियों से
अचीन्हे पराए मंजरियों से
कहाँ परवाह
कि झट झर जाएँगे पर
नहीं झंझट
कभी जा पहुँचें नभ पर
तनिक न भय
कि जीवन दो दिना
बस यही सच