
← Pratidin Ek Kavita4 days ago · 2 min
Prem Ke Baare Mein Ek Shabd Nahi | Viren Dangwal
Prem Ke Baare Mein Ek Shabd Nahi | Viren Dangwal
प्रेम के बारे में एक शब्द नहीं । वीरेन डंगवाल
शहद के बारे में
मैं एक शब्द भी नहीं बोलूँगा
वह
जो बहुश्रुत संकलन था
सहस्र पुष्प कोषों में संचित रहस्य रस का
जो न पारदर्शी न ठोस न गाढ़ा न द्रव
न जाने कब
एक तर्जनी की पोर से
चखी थी उसकी श्यानता
गई नहीं अब भी वह
काकु से तालु से