
← Pratidin Ek Kavita6 days ago · 1 min
Kharepan Ka Ehsaas | Kanhaiya Lal Nandan
Kharepan Ka Ehsaas | Kanhaiya Lal Nandan
खारेपन का अहसास । कन्हैयालाल नंदन
खारेपन का अहसास
मुझे था पहले से
पर विश्वासों का दोना
सहसा बिछल गया
कल,
मेरा एक समंदर
गहरा-गहरा सा
मेरी आंखों के आगे उथला निकल गया।